राजनगर एक्सटेंशन — ऊँची इमारतें, बड़े-बड़े वादे, और एक सपना… लेकिन आज उसी सपने के बीच एक बड़ा सवाल खड़ा है: 👉 “हमारा IFMS का पैसा आखिर गया कहाँ?” यह कोई सामान्य शिकायत नहीं है। यह हजारों परिवारों की मेहनत की कमाई है, जिसे बिल्डर ने मेंटेनेंस सिक्योरिटी के नाम पर लिया — और आज तक उसका स्पष्ट हिसाब नहीं दिया गया। IFMS: भरोसे का पैसा या बंद कमरे का खेल? जब फ्लैट खरीदा गया, तब IFMS (Interest Free Maintenance Security) के नाम पर मोटी रकम ली गई। कहा गया — “यह पैसा सोसायटी के हित में सुरक्षित रहेगा” लेकिन आज स्थिति क्या है? हैंडओवर के बाद भी पैसा AOA को नहीं मिला कोई पारदर्शी अकाउंट स्टेटमेंट नहीं बिल्डर और AOA के बीच जिम्मेदारी टालने का खेल निवासियों के सवालों पर चुप्पी या गोलमोल जवाब 👉 क्या यही पारदर्शिता है? 👉 क्या यही विश्वास था जिसके आधार पर लोगों ने घर खरीदा? अब सवाल तीखे होंगे राजनगर एक्सटेंशन के निवासी अब सीधे सवाल पूछ रहे हैं: IFMS का पूरा पैसा किस खाते में है? क्या यह पैसा कहीं और इस्तेमाल किया गया? अगर सुरक्षित है, तो AOA को ट्रांसफर क्यों नहीं हुआ? प्रशासन और RERA इस पर खाम...